पत्ते पीले होकर गिर जाते हैं जब कुछ टूट रहा होता है, बिखर रहा होता है, निस्तेज हो रहा होता है तब यकीन मानिए कि कहीं कुछ नया रचा जा रहा होता है। कुछ कोपलें रं…
Read more »पत्ते गिरते हुए भी मुस्कुरा रहे थे मैं आदमी होकर भी डरा सा हूँ। जगजीत जी की गज़ल सुन रहा था... कोई ये कैसे बताए कि वो तन्हा क्यों है...? शब्द क्या हैं, पूरी क…
Read more »
Social Plugin