तुम्हें याद है वो पहली सुबह साथ-साथ। घर की बालकनी पर रेलिंग पर तुम कितनी देर तक उस आकाश में पंछियों को देखती रहीं थीं। तुम्हारा उन्हें देखकर बार-बार मुस्कुरा…
Social Plugin