हम भी कितने गजब प्राणी हैं कि यह जानते हुए भी कि हमारा गुजारा इस प्रकृति के बिना नहीं है फिर भी तमाम तरह की नौटंकी करते हुए हम अपना जीवन जी ही लेते हैं, बहानों…
Read more »यही प्रकृति है और यही सच हम जब पिता की उंगली थामकर चलना सीखते हैं तब सबसे अधिक भरोसा भी उन्हीं पर करते हैं, एक दिन पिता उंगली छोड़ देते हैं ताकि हम अपना नियंत…
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